मुंह में छाले बार-बार क्यों होते हैं क्या कारण है ये समस्या कितनी जानलेवा हो सकती है?

    मुंह के अल्सर यानी छाले एक ऐसी समस्या है जो दिखने में छोटी लगती है, पर जब हो जाते हैं तो दिन भर का चैन छीन लेते हैं। थोड़ा सा खाना, पानी पीना, बात करना या मुस्कुराना भी मुश्किल हो जाता है। कई लोगों में यह छाले बार-बार होते हैं, इतना कि हर कुछ हफ्तों में एक नया छाला निकल आता है। यह समझने के लिए कि अल्सर क्यों होते हैं और क्यों कुछ लोगों में बार-बार दोहराते हैं, हमें शरीर के अंदर की प्रतिक्रियाओं, कमजोरियों और रोज़मर्रा की आदतों पर ध्यान देना पड़ता है।

    मुंह के छाले अक्सर एक छोटे से कट या घाव से शुरू होते हैं। यह कट कभी तेज दांत से लग जाता है, कभी गलती से होंठ या गाल काट लेने पर, तो कभी कुछ सख्त या मसालेदार खाना चबाते समय। लेकिन असल समस्या यह है कि उस छोटे से कट पर शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया बहुत तेज होती है। मुंह की त्वचा बेहद पतली होती है, इसलिए वहां की सूजन जल्दी बढ़ती है और वह हिस्सा सफेद या पीले रंग का दर्दनाक अल्सर बन जाता है। एक बार बन जाए तो कुछ दिनों तक वह लगातार परेशान करता है।

    छाले बार-बार होने के सबसे बड़े कारणों में से एक है शरीर की कमी। खासकर विटामिन B12, आयरन, फोलिक एसिड और जिंक की कमी इन छालों को बार-बार लौटने पर मजबूर करती है। जब शरीर को ये पोषक तत्व नहीं मिलते, तो मुंह की त्वचा कमजोर पड़ जाती है और हल्की सी चोट भी बड़े अल्सर में बदल जाती है। कई लोग सोचते हैं कि छाले सिर्फ खाने से होते हैं, जबकि असल में पोषण की गड़बड़ी इसका मुख्य कारण है। इसके अलावा स्ट्रेस भी अल्सर बनने में बड़ी भूमिका निभाता है। जब दिमाग पर तनाव बढ़ता है, तो शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और मुंह की नाजुक त्वचा जल्दी नुकसान पकड़ लेती है। कई छात्रों, ऑफिस कर्मचारियों और काम के दबाव में रहने वाले लोगों को छाले ज्यादा होने का कारण यही है—मानसिक तनाव।

    इसके अलावा हार्मोन्स भी अल्सर को बार-बार पैदा करते हैं। कुछ लोगों में एक खास समय पर, जैसे महिलाओं में पीरियड्स के दौरान, हार्मोनल बदलाव के कारण छाले अचानक निकल आते हैं। वही लोग जो ज्यादा मसालेदार खाना खाते हैं, तंबाकू या गुटखा चबाते हैं, शराब का सेवन करते हैं या दिन भर चाय-कॉफी पर निर्भर रहते हैं, उनमें भी अल्सर होने का खतरा बहुत अधिक होता है। मुंह का लगातार सूखा रहना भी छालों को बढ़ाता है, क्योंकि लार की कमी से बैक्टीरिया और घर्षण बढ़ जाते हैं। जो लोग कम पानी पीते हैं, वे इस समस्या के शिकार जल्दी बनते हैं।

    बार-बार होने वाले छालों का एक बड़ा कारण मुंह की सफाई का अभाव भी है। अगर दांतों में जमा बैक्टीरिया और प्लाक हटते नहीं, तो वे मुंह की त्वचा को चिड़चिड़ा बनाते हैं। टेढ़े-मेढ़े दांत या ब्रेसेज भी अक्सर मुंह की त्वचा को खरोंच देते हैं और फिर वह छोटी खरोंच एक बड़े अल्सर में बदल जाती है। कई लोगों का दांतों से गलती से गाल काट लेना भी आम कारण है, और अगर छाला जल्दी ठीक न हो, तो वह बार-बार उसी जगह दोहराता रहता है।

    कुछ लोगों में यह समस्या जेनेटिक भी होती है। अगर परिवार में किसी को अक्सर छाले होते हों, तो अगली पीढ़ी में भी इसकी संभावना बढ़ जाती है। मुंह के अल्सर का एक दुर्लभ लेकिन महत्वपूर्ण कारण ऑटोइम्यून बीमारी भी हो सकती है, जिसमें शरीर अपनी ही कोशिकाओं पर हमला कर देता है। हालांकि यह कम होता है, लेकिन अगर छाले बहुत बड़े हों, बार-बार हों, बुखार या कमजोरी के साथ आते हों, या कई हफ्तों तक न ठीक हों, तो यह सामान्य छाले नहीं होते और डॉक्टर से दिखाना जरूरी हो जाता है।

    मुंह के अल्सर होने पर दर्द इतना तेज होता है कि खाना खाते समय जलन के कारण आंखों में पानी आ जाता है। खट्टा, मसालेदार, नमकीन और गर्म खाना छाले को और ज्यादा जला देता है। इसलिए यह गलतफहमी है कि खट्टा खाने से छाला होता है—असल में खट्टा सिर्फ पहले से बने छाले को और दर्दनाक बना देता है। छाले के दौरान व्यक्ति का मूड भी खराब हो जाता है, और कई लोग खाना कम खा देते हैं जिससे शरीर और भी कमजोर होता जाता है। यह कमजोरी फिर नए छालों को जन्म देती है और यह एक चक्र बन जाता है जो महीनों तक चलता रहता है।

    बार-बार होने वाले छालों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि शरीर को पूरा पोषण मिले। विटामिन B12, आयरन, फोलिक एसिड और जिंक का सेवन बढ़ाना चाहिए। गाजर, दूध, दही, हरी सब्जियाँ, दालें, ड्रायफ्रूट्स और नारियल पानी मुंह की त्वचा को मजबूत बनाते हैं। तनाव कम करना, भरपूर नींद लेना और पानी ज्यादा पीना भी बहुत जरूरी है। अगर आप बार-बार गलती से गाल काट लेते हैं, तो खाने का तरीका थोड़ा बदलकर धीरे चबाना शुरू करें। अगर दांत तेज हों, टूटा हुआ हो या ब्रेसेज की वजह से बाइट ठीक न हो, तो डॉक्टर से सलाह लेकर उसकी शेप ठीक करवाना फायदेमंद रहता है।

    छाले होने पर घर पर कुछ उपाय काफी राहत देते हैं। नमक वाले गुनगुने पानी से कुल्ला करने से सूजन कम होती है। शहद लगाने से जलन शांत होती है और घाव जल्दी भरता है। नारियल का तेल सूजन कम करता है क्योंकि उसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। अगर दर्द बहुत ज्यादा हो तो डॉक्टर के बताए हुए जेल या मलहम लगाने से काफी राहत मिलती है। बहुत तेज मसाले, तंबाकू, चाय-कॉफी और खट्टा खाने से कुछ दिनों तक बचना चाहिए ताकि घाव जल्दी भर सके।

    सबसे जरूरी बात ये है कि अगर छाले बार-बार हो रहे हैं, और हर बार बहुत दर्दनाक होते हैं, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। कई बार यह शरीर के अंदर की कमी या बीमारी का संकेत होता है, जिसे नजरअंदाज करने पर समस्या बढ़ सकती है। सही समय पर पोषण लेना, पानी पीना, तनाव कम करना और मुंह की सफाई रखना मुंह के अल्सर को पूरी तरह रोक सकता है। जीवनशैली में छोटे बदलाव करके इस समस्या से लंबे समय तक छुटकारा पाया जा सकता है।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Mr.Rajneeshk Patel
    Mr.Rajneeshk Patelhttps://insiteblog.com
    Writes about health, finance, technology, and business trends in an easy and insightful way.His articles focus on simplifying complex topics for everyday readers.