अपने बढ़ते हुए फैट को कैसे कम करें ! जो आपको गंभीर बीमारी होने से बचा सकते हैं
फैट बढ़ने के कारण और वजन कम करने के असरदार तरीके
आज के टाइम में अगर देखा जाए तो हर 10 में से 7 लोगों को मोटापे की समस्या है, खासकर 35 से जिनकी उम्र ज्यादा है, ये समस्या देखने को मिलती है, पर इसके कई कारण हैं, देखा जाए तो लेकिन आज की हमारी बिगड़ती जीवन शैली, प्रदूषण,
ये कई कारण हैं लेकिन किसी को ये तब तक एहसास नहीं होता जब तक उन्हें मोटापे या अनचाहे फैट से समस्या नहीं होती फैट बढ़ने से न केवल शरीर का आकार बिगड़ता है बल्कि इससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है
शारीरिक गतिविधियों की कमी भी फैट बढ़ने का बड़ा कारण है। कई लोग सुबह देर से उठते हैं, नाश्ता छोड़ देते हैं और खाना खाने का समय भी अनियमित होता है। ऐसे में पाचन कमजोर हो जाता है और शरीर कैलोरी को फैट के रूप में स्टोर करना शुरू कर देता है।
आज के समय में बच्चे से लेकर बड़े तक सब मोबाइल और टीवी पर ज्यादा समय बिताते हैं। घंटों बैठकर काम करने या स्क्रीन देखने से शरीर की मांसपेशियाँ सुस्त हो जाती हैं और मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है,
जिससे फैट बढ़ने लगता है। इसके साथ ही नींद की कमी भी वजन और फैट बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब व्यक्ति 6 घंटे से कम सोता है या अनियमित नींद लेता है, तो शरीर में leptin और ghrelin जैसे हॉर्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे भूख बढ़ जाती है और बार–बार खाने का मन करता है।
इसी तरह, तनाव भी फैट बढ़ाता है क्योंकि तनाव के दौरान Cortisol हॉर्मोन बढ़ जाता है जो शरीर को पेट के आसपास फैट जमा करने के लिए प्रेरित करता है, और यही कारण है कि तनाव में रहने वाले लोगों को belly fat ज्यादा होता है।
पानी कम पीना भी फैट बढ़ने का एक छिपा हुआ कारण है। कई लोग दिनभर मुश्किल से 2–3 गिलास पानी पीते हैं, जबकि शरीर को कम से कम 8–10 गिलास पानी चाहिए।
जब शरीर में पानी की कमी होती है तो मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता, जिससे फैट का जमाव बढ़ने लगता है।
इसके अलावा, कुछ लोगों में मोटापा जेनेटिक भी होता है। यदि परिवार में किसी को मोटापे की समस्या रही है, तो उनके बच्चों में भी फैट तेजी से बढ़ने की संभावना रहती है, हालांकि सही लाइफस्टाइल अपनाकर इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, PCOS, थायरॉइड जैसी समस्याएँ भी तेजी से फैट बढ़ाने का कारण बनती हैं।
फैट कम करना कठिन है, लेकिन असंभव नहीं। सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी आदतें अपनाकर कोई भी अपने बढ़े हुए फैट को कम कर सकता है।
फैट कम करने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण तरीका है संतुलित और हेल्दी डाइट लेना। इसमें प्रोसेस्ड फूड, शुगर, मैदा, तली हुई चीजें और पैकेट वाले स्नैक्स को कम करना चाहिए।
इसकी जगह डाइट में हरी सब्जियाँ, फल, सलाद, ओट्स, दलिया, दालें, ब्राउन राइस, मल्टीग्रेन रोटी और प्रोटीन शामिल करना चाहिए। नाश्ता करना जरूरी है, क्योंकि सुबह का नाश्ता छोड़ने से दिनभर भूख बढ़ती है और आप ज्यादा खाते हैं।
रात का खाना हमेशा हल्का और समय पर लेना चाहिए, क्योंकि देर रात खाना खाने से पाचन खराब होता है और फैट जमा होने लगता है।
एक्सरसाइज फैट कम करने की रीढ़ की हड्डी है। यदि आप रोज 30–45 मिनट चलना, जॉगिंग, योग, स्किपिंग, या कोई भी पसंदीदा वर्कआउट करते हैं, तो शरीर तेजी से कैलोरी बर्न करता है। लगातार 21 दिनों तक व्यायाम करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है और फैट कम होना शुरू हो जाता है।
इसके अलावा, स्टेप्स बढ़ाना भी एक आसान और कारगर तरीका है। यदि आप रोजाना 7000–10,000 कदम चलते हैं, तो आपका वजन और फैट दोनों तेजी से कम हो सकते हैं।
प्रोटीन का सेवन बढ़ाना भी फैट घटाने में मदद करता है, क्योंकि प्रोटीन मांसपेशियाँ मजबूत बनाता है, भूख कम करता है और लो-कैलोरी होने के बावजूद शरीर को ऊर्जा देता है। अंडे, दालें, पनीर, चना, दही और चिकन अच्छे प्रोटीन स्रोत हैं।
पानी पीना फैट लॉस का एक बेहद आसान लेकिन प्रभावी तरीका है। दिनभर में 8–10 गिलास पानी पीने से शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं, पाचन सुधरता है और फैट बर्निंग प्रक्रिया तेज होती है। इसके साथ ही नींद पूरी करना भी उतना ही जरूरी है।
यदि आप 7–8 घंटे की अच्छी नींद लेते हैं, तो शरीर के हॉर्मोन संतुलित रहते हैं और वजन जल्दी कम होता है। शुगर और रिफाइंड कार्ब्स जैसे चीनी, मैदा, ब्रेड, मिठाइयाँ और कोल्ड ड्रिंक को कम करना बेहद जरूरी है, क्योंकि ये सबसे तेजी से फैट बढ़ाते हैं।
कुछ घरेलू उपाय भी फैट कम करने में मदद करते हैं। सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना, नींबू–शहद वाला पानी लेना, दालचीनी का पानी, और ग्रीन टी या ब्लैक कॉफी पीना—all ये मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं और फैट बर्न करने में सहायता देते हैं।
इंटरमिटेंट फास्टिंग भी एक लोकप्रिय तरीका है जिसमें 16 घंटे का फास्ट और 8 घंटे का ईटिंग टाइम रखा जाता है। इससे शरीर स्टोर फैट को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करता है।
फैट कम करने में समय लगता है और हर शरीर का परिणाम अलग होता है। आमतौर पर लोग 2–3 हफ्तों में हल्का अंतर महसूस कर लेते हैं और 1–2 महीनों में 3–6 किलो वजन कम कर सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि फैट कम करने के लिए निरंतरता, अनुशासन और धैर्य होना चाहिए।
फैट बढ़ने के कारण चाहे कोई भी हों—गलत खानपान, तनाव, नींद की कमी, हॉर्मोनल बदलाव या शारीरिक गतिविधियों की कमी—लेकिन सही आदतों से इसे पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है।
यदि आप हेल्दी लाइफस्टाइल, संतुलित डाइट, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद अपना लेते हैं, तो आप न केवल फैट कम कर पाएँगे, बल्कि एक फिट, एनर्जेटिक और बेहतर जीवन भी जी पाएँगे।