लिवर हमारे शरीर का एक ऐसा अंग है जो खामोशी से 500 से भी ज्यादा काम करता है। यह खून को साफ करता है, शरीर से ज़हरीले केमिकल्स निकालता है, खाने को ऊर्जा में बदलता है और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। लेकिन आज के समय में लिवर कैंसर और लिवर की बीमारियाँ खतरनाक गति से बढ़ रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है गलत जीवनशैली, प्रदूषण, मिलावटी खाना, शराब, वायरल संक्रमण और जंक फूड का बढ़ता चलन। लिवर धीरे-धीरे डैमेज होता है और शुरू में कोई लक्षण नहीं देता, इसलिए ज्यादातर लोगों को तब पता चलता है जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है।
लिवर को नुकसान पहुंचाने के सबसे बड़े कारणों में शराब सबसे ऊपर है। अल्कोहल लिवर सेल्स को जला देता है और बार-बार शराब पीने से पहले फैटी लिवर, फिर इंफ्लेमेशन, उसके बाद सिरोसिस और अंत में लिवर कैंसर विकसित हो सकता है। आज भारत में युवाओं में शराब की आदत तेजी से बढ़ रही है, जिसके कारण लिवर मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। इसके अलावा फैटी लिवर एक ऐसी बीमारी है जो अब हर दूसरे घर में दिखाई देने लगी है। ज्यादा तेल, तला-भुना खाना, मीठी चीजें, कोल्ड ड्रिंक और जंक फूड लिवर में चर्बी जमा कर देते हैं। जब यह चर्बी बढ़ती जाती है तो लिवर में सूजन आने लगती है, और लंबे समय तक इलाज न होने पर यह कैंसर में बदल सकती है।
Hepatitis B और Hepatitis C वायरस भी लिवर कैंसर की बड़ी वजह हैं। कई लोग सालों तक इन वायरस के साथ रहते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता। ये वायरस धीरे-धीरे लिवर सेल्स को खराब करते रहते हैं, जिससे उनमें DNA mutation हो सकता है और कैंसर बनने लगता है। इसके अलावा भारत में खाने में मिलावट भी एक बड़ा खतरा है। खराब तेल, मिलावटी दूध, नकली मसाले और फफूंद लगे अनाज में पाए जाने वाले Aflatoxin लिवर पर ज़हरीला प्रभाव डालते हैं और इससे कैंसर का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। मोटापा, चीनी का अधिक सेवन, पेनकिलर और स्टेरॉयड का गलत उपयोग भी लिवर को उतना ही नुकसान पहुंचाते हैं जितना शराब।
अब बात करते हैं कि लिवर कैंसर में क्या खाना चाहिए। जब लिवर कमजोर होता है, तो उसे ऐसा खाना चाहिए जो आसानी से पच जाए, एनर्जी दे और लिवर पर ज्यादा बोझ न डाले। मरीजों के लिए सबसे अच्छा खाना है खिचड़ी, दलिया, मूंग दाल, सब्जियों का सूप और उबली हुई हल्की सब्जियाँ। ये पेट पर हल्के होते हैं और जल्दी पच जाते हैं, जिससे लिवर को आराम मिलता है। फल में पपीता, सेब, कीवी, नारियल पानी, अनार और एंटीऑक्सीडेंट वाले फल शरीर को पोषक तत्व देते हैं और लिवर के टॉक्सिन्स को निकालने में मदद करते हैं। हरी सब्जियों में पालक, लौकी, टिंडा, गाजर, चुकंदर, शकरकंद आदि लिवर सेल्स को repair करने में फायदेमंद माने जाते हैं।
कैंसर में शरीर कमजोर हो जाता है, इसलिए हल्का लेकिन अच्छा प्रोटीन जरूरी होता है। पनीर की थोड़ी मात्रा, मूंग दाल का सूप, ओट्स, उबले चने, sprouts और egg white (यॉल्क नहीं) अच्छे प्रोटीन स्रोत हैं जो लिवर पर अतिरिक्त भार भी नहीं डालते। फायदेमंद वसा जैसे अखरोट, अलसी के बीज, हल्का ओलिव ऑयल और mustard oil सूजन को कम करने में मदद करते हैं। कुछ हर्बल चीजें जैसे हल्दी पानी, अदरक पानी और डॉक्टर द्वारा अनुमोदित Milk Thistle लिवर के लिए supportive माने जाते हैं, लेकिन इन्हें डॉक्टर की मशीनरी सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए।
लिवर कैंसर के मरीज को किन चीज़ों से पूरी तरह बचना चाहिए यह जानना भी उतना ही जरूरी है। शराब पूरी तरह बंद होनी चाहिए क्योंकि यह लिवर को और तेज़ी से खराब करती है। इसके अलावा तला-भुना खाना, जंक फूड, भारी मसालेदार खाना, कोल्ड ड्रिंक, ज्यादा नमक, चीनी, मिठाई, रेड मीट, fast foods, preserved foods और बार-बार painkillers लेने से बीमारी और बढ़ सकती है। पेनकिलर और स्टेरॉयड बिना डॉक्टर की सलाह के बिल्कुल नहीं लेने चाहिए।
लिवर कैंसर में lifestyle भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रोज हल्की वॉक, तनाव कम करना, सही नींद, समय पर दवाइयाँ लेना, पानी ज्यादा पीना और वजन नियंत्रण में रखना बीमारी को काफी हद तक रोक सकता है। Hepatitis B का टीका लगवाना और अगर Hepatitis C हो तो उसका सही इलाज करवाना जरूरी है। धूम्रपान और शराब दोनों ही लिवर कैंसर के लिए सबसे बड़े खतरे हैं—इन्हें तुरंत छोड़ देना चाहिए।
अंत में, लिवर कैंसर बढ़ने का असली कारण हमारी modern लाइफस्टाइल है—तेल, चीनी, शराब, मिलावटी खाना, sitting lifestyle और दवाओं का misuse। अगर लोग सही खाने की आदत अपनाएँ, भोजन में मिलावट से बचें, समय पर जांच करवाएँ और शरीर को clean रखने वाली lifestyle अपनाएँ, तो लिवर कैंसर एक preventable disease बन सकता है। लिवर शरीर का engine है, इसे सुरक्षित रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

