Doctor ने दी सलाह सावधान रहने की” कैसे ये खतरनाक बीमारी धीरे-धीरे शरीर को जकड़ लेती है

डॉक्टर ने दी चेतावनी – सावधान रहें! कैसे डायबिटीज़ और हार्ट डिज़ीज़ बन रही हैं खतरनाक बीमारी

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डॉक्टर ने दी चेतावनी – सावधान रहें!

जी हां आज के समय मे हर दस लोगों में दो लोग ऐसे हैं जिन्हें BP या हार्ट की की समस्या बनी हुई है लेकिन इसके होने के कई कारण होते है परिवार में अगर किसी को पहले से समस्या रही हो या फिर किसी गंभीर बीमारी होने के कारण वक्त बदल रहा है हमारी लाइफस्टाइल में भी चेंज आ गया है इस भाग दौड़ जिंदगी मे किसी को हेल्थ का ध्यान नहीं रहा है जब तक गंभीर बीमारी का शिकार ना हो Dibieties को जल्दी ठीक करने के लिए सही खान पन के साथ साथ व्यायाम भी जरूरी है साथ ही कुछ दवाइयां भी है जिन्हें बिना डॉक्टर के परामर्श के यूस ना करे ,

आज के बदलते दौर में हमारे जीवन में बहुत सारी चीजों का बदलाव हुआ है बदलते दौर में खान पन का सही ना होने की वजह से बीमारी और भयानक होती जा रही हैं। आज कैसे इस बीमारी ने एक साथ कई जिंदगियां बिगड़ दी, अगर समय पर इसका पता ना लगे तो मौत भी हो सकती हैं आज हर दस में से एक इंसान इस भयानक बीमारी से जूझ रहा हैं समय पर पता ना लगने से इंसान की अचानक जान भी जा रही हैं।

  • Type 1 – डायबिटीज के लिए: इसमें insulin injection ही मुख्य इलाज होता है क्योंकि शरीर खुद इंसुलिन नहीं बना पाता। सामान्य रूप से इस्तेमाल होने वाले इंसुलिन है:
  • Rapid-acting insulin: जैसे Lispro (Humalog), Aspart (NovoLog) Short-acting insulin: जैसे Regular insulin (Humulin R, Novolin R) Intermediate-acting insulin: जैसे NPH insulin Long-acting insulin: जैसे Glargine (Lantus), Detemir (Levemir) डॉक्टर तय करते हैं कि कौन-सा इंसुलिन, कब और कितनी मात्रा में देना है।
  • टाइप 2 डायबिटीज के लिए: इसमें कई प्रकार की दवाइयाँ दी जाती हैं — जो टेबलेट के फॉर्म में होती है जैसे कि 1. Metformin (Glucophage) – यह सबसे पहली दी जाने वाली दवा होती है। यह लिवर में शुगर बनना कम करती है। 2. Sulfonylureas: जैसे Gliclazide, Glimepiride (Amaryl), Glibenclamide — ये शरीर को ज्यादा इंसुलिन बनाने में मदद करती हैं। 3. DPP-4 Inhibitors: जैसे Sitagliptin (Januvia), Vildagliptin, Linagliptin — ये इंसुलिन का असर बढ़ाते हैं और ब्लड शुगर कम करते हैं।
  • दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लें। हर दवा हर व्यक्ति पर अलग असर करती है। ब्लड शुगर का नियमित जांच जरूरी है। सही खान-पान, एक्सरसाइज और नींद भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी दवा डायबिटीज़ कोई साधारण बीमारी नहीं है, लेकिन सही दवा, नियमित जांच, संतुलित खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। दवाइयाँ तभी असर करती हैं जब हम खुद अपनी देखभाल करें — जैसे समय पर दवा लेना, मीठा नियंत्रित करना, रोजाना थोड़ी पैदल चाल करना और मानसिक तनाव से दूर रहना

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